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एक डरावनी तस्वीर, जिसकी दो बड़ी-बड़ी गोल आंखें हो, जो हल्के पीले रंग की दिखती हो, जिसकी एक डरावनी से मुस्कान हो और टेढ़ी-मेढ़ी नाक हो. अचानक से आपके वाट्सऐप मैसेज पर किसी अनजान नंबर से ऐसी कोई तस्वीर आए, तो ज़रा संभल जाइएगा.

उसका जवाब मत दीजिएगा.

ये तस्वीर, दरअसल एक गेम चैलेंज का हिस्सा हो सकती है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं.

इस गेम चैलेंज का नाम है- मोमो चैलेंज.

ये एक मोबाइल गेम है जो हमारे दिमाग के साथ खेलता है, डर का माहौल बनाता है और फिर जान ले लेता है.

भारत में ये गेम पिछले कुछ दिनों से चर्चा में हैं.

मामला राजस्थान के अजमेर की एक छात्रा की आत्महत्या से जुड़ा है. 10वीं क्लास की छात्रा ने इसी साल 31 जुलाई को आत्महत्या कर ली थी. बच्ची के घरवालों का आरोप है कि उसका फ़ोन देखने पर पता चला कि उसकी मौत मोमो चैलेंज लेने की वजह से हुई है.

हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन अजमेर पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा है, ”मीडिया में चल रहा है कि वो बच्ची मोमो गेम खेलती थी. हम इसी बिंदु पर पड़ताल कर रहे हैं.”

मोमो चैलेंज से दूर रहने की सलाह देते हुए 19 अगस्त को अजमेर पुलिस ने ट्विटर पर लिखा, “मोमो चुनौती नाम से एक और इंटरनेट चुनौती युवा दिमाग में छेड़छाड़ कर रही है, जहां लोगों को अज्ञात संख्या से संपर्क करने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी प्रकट करने के लिए बनाया जाता है. अजमेर पुलिस अपने नागरिकों से आग्रह करती है कि इन चुनौतियों में शामिल न हों”

इससे पहले 18 अगस्त को मुंबई पुलिस ने भी #NoNoMoMo #MomoChallenge से ट्वीट किया था.

लोगों को इस चैलेंज को स्वीकार न करने की सलाह देते हुए मुंबई पुलिस ने ट्वीट कर लिखा है कि अनजान नंबर से दूर रहें. इसकी सूचना 100 नंबर पर दें.

क्या है मोमो चैलेंज?

लोगों के बीच डर का माहौल बनाने वाले इस गेम में आखिर है क्या, यह जानना अपने-आप में दिलचस्प है.

दरअसल, मोमो चैलेंज देने वाला आपको वॉट्सऐप पर एक अनजान नंबर से मैसेज करेगा. पहले वो आपसे हाय-हैलो करता है और धीरे-धीरे बात को आगे बढ़ाता है.

अगर आप उस से पूछते हैं कि आप कौन हैं तो वह अपना नाम बताता है ‘मोमो’. अपने नाम के साथ वो एक तस्वीर भी भेजता है.

तस्वीर डरावनी लड़की जैसी दिखती है. जिसकी दो बड़ी-बड़ी गोल आंखें, हल्का पीला रंग और चेहरे पर डरावनी स्माइल है.

वो आपको कहता है कि आप उसका नंबर सेव कर लें इसके बाद वह खुद को दोस्त बनाने के लिए कहता है.

अगर आप उसे मना कर देते हैं तो वो आपकी निजी जानकारियां सार्वजनिक करने की धमकी देता है.

आगे वो आपको अलग-अलग तरह के चैलेंज देता है और हो सकता है आपको आत्महत्या करने के लिए भी उत्तेजित करे.

मोमो चैलेंज ख़तरनाक क्यों है?

मेक्सिको की क्राइम इंवेस्टिगेशन यूनिट के मुताबिक, अगर आप अनजान नंबर से आए मैसेज पर मोमो से बात करते हैं तो आपको पांच तरह के ख़तरे हो सकते हैं-

  • निजी जानकारी का सार्वजनिक होना
  • आत्महत्या या हिंसा के लिए उकसाना
  • धमाकाना
  • उगाही करना
  • शारीरिक और मनोवैज्ञानिक तनाव पैदा करना

मोमो चैलेंज की शुरुआत

ये गेम अमरीका से अर्जेंटीना, फ्रांस, जर्मनी सब जगह फैल चुका है, इसकी दस्तक अब भारत में भी पहुंच चुकी है.

 छपे लेख के मुताबिक मोमो चैलेंज में दिखने वाली तस्वीर जापान की है.

मेक्सिको के कम्प्यूटर क्राइम इंवेस्टीगेशन यूनिट के मुताबिक़ यह सब फेसबुक से शुरू हुआ है. इस गेम में लोगों को अनजान नंबर से आए मैसेज पर जवाब देने को कहा जाता है. हालांकि इस नंबर के साथ एक चेतावनी भी होती है.”

जो कोई इस नंबर पर मोमो को जवाब देता है उसको मोमो की तरफ से डरावने और हिंसक मैसेज भेजे जाते हैं. वो आपकी निजी जानकारी शेयर करने की धमकी भी देता है.

ये तस्वीर एक बर्ड वूमेन (पक्षी जैसे दिखने वाली महिला) की कलाकृति है, जो सबसे पहले 2016 में भूतों की एक प्रदर्शनी में लगाई गई थी. ये फोटो सबसे पहले जापान के एक इंस्टाग्राम अकांउट पर दिखी थी.

पिछले साल भी एक ऐसा ही चैलेंज देखा गया था जिसका नाम था ब्लू व्हेल. मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप पर खेले जानेवाले इस गेम में प्रतियोगियों को 50 दिनों में 50 अलग-अलग टास्क पूरे करने होते थे और हर एक टास्क के बाद अपने हाथ पर एक निशान बनाना होता है. इस खेल का आख़िरी टास्क आत्महत्या होता था.

उस समय दुनिया भर में कई बच्चे ब्लू व्हेल गेम के शिकार हो गए थे, भारत में भी इसके कुछ मामले सामने आए थे जिसके बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने भारत के सभी स्कूल प्रिंसिपलों के नाम चिट्ठी लिख बच्चों को इस खेल से दूर रखने की सलाह दी थी.

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